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चिकित्सकों की कमी...तो कहीं बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्थाएं!सीएचसी ऐलिया स्वयं में बीमारियों का घर
- दैनिक लोक भारती
- 23 Jul, 2026
जनऔषधि केंद्र पर जेनेरिक दवाओं के अतिरिक्त दवाओं की बिक्री की क्या है सच्चाई?
एक फिजीशियन के सहारे क्षेत्र की पूरी ओपीडी व्यवस्था
इमलिया सुल्तानपुर/सीतापुर। हम नहीं पूछते जाति और धर्म हम पूंछते हैं कि आपका दर्द क्या है, स्वास्थ्य विभाग का यह स्लोगन जिले की एलिया सीएचसी की व्यवस्थाओं को मुंह चिढ़ाता हुआ नजर आ रहा है।
उत्तर प्रदेश सरकार जहां ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के बड़े-बड़े दावे कर रही है।वहीं जिले की ऐलिया में स्थित। सीएचसी हकीकत के इन दावों की पोल खोल रही है।सीएचसी पर चिकित्सकों व स्टाफ का अभाव,अस्पताल परिसर की बदहाली,गंदगी का अंबार आदि अनेको अव्यवस्थाओं के कारण आए दिन मरीजों को जूझना पड़ रहा है।
बता दें ऐलिया सीएचसी के बाहर का नजारा किसी सरकारी अस्पताल जैसा नहीं बल्कि एक लावारिस जगह जैसा प्रतीत होता है।अस्पताल के वार्डों के बाहर और परिसर में आवारा कुत्ते खुलेआम घूमते नजर आते हैं। जिससे मरीजों और तीमारदारों में हमेशा डर का माहौल बना रहता है।इतना ही नहीं वार्डों के ठीक बाहर भारी मात्रा में घास-फूस और गंदगी का अंबार भी लगा हुआ है।अस्पताल के स्टोर रूम की स्थिति भी बदतर है।जहाँ रखरखाव के अभाव में चारों तरफ गंदगी फैली हुई है।इस भयंकर गंदगी के कारण अस्पताल में भर्ती मरीजों और ओपीडी में आने वाले लोगों पर डेंगू,मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों की चपेट में आने का सीधा खतरा मंडरा रहा है।
बिजली जाने के बाद नही चलता जनरेटर
अस्पताल की अव्यवस्था यहीं खत्म नहीं होती। बिजली कटौती के दौरान मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। मरीजों के साथ आए तीमारदारों ने नाम ना छापने के एवज में कहा बिजली कटने के बाद महिला वार्डों में लगे पंखे बंद हो जाते हैं और वैकल्पिक बिजली जनरेटर की व्यवस्था तो है लेकिन कभी चलता ही नहीं है। इतनी भीषण गर्मी और उमस के बीच महिला मरीज और नवजात शिशु तड़पने को मजबूर होने लगते हैं।
एक ही डॉक्टर के भरोसे पूरी ओपीडी!
सीएचसी ऐलिया इस समय चिकित्सकों की भारी किल्लत से जूझ रही है।वर्तमान में यहां पर केवल एक ही जनरल फिजिशियन डा.कुमार गौरव ही तैनात हैं।पूरी ओपीडी का बोझ अकेले उन्हीं के कंधों पर है। जब अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ जाती है,तो अकेले डॉक्टर के लिए सबको देख पाना एक चुनौती सा हो जाता है। जिससे मरीजों को घंटों इंतजार भी करना पड़ता है।
स्त्री रोग विशेषज्ञ न होने से बना रेफरल सेंटर
हैरानी की बात तो यह है कि महिला वार्ड में छह स्टाफ नर्सें तो तैनात हैं।लेकिन महिला वार्ड के लिए किसी भी महिला चिकित्सक या स्त्री रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं की गई है। इसके चलते यदि किसी महिला मरीज की स्थिति थोड़ी भी गंभीर होती है, तो उसे तुरंत जिला महिला अस्पताल रेफर करने के अतिरिक्त कोई विकल्प नहीं बचता। जिससे अस्पताल सिर्फ एक श्रेफरल सेंटर बनकर ही रह गया है।
जनऔषधि केंद्र में महंगी एमआरपी वाली दवाओं का खेल
सीएचसी परिसर में स्थित प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र में भी गड़बड़ी दिखाई दी। गरीबों को सस्ती दवाइयां उपलब्ध कराने के लिए खोले गए इस केंद्र के भीतर भारी मात्रा में महंगी एमआरपी की अन्यत्र सिरप दिखाई दीं। जिन पर एमआरपी 150 रुपए से लगाकर 350 रुपयों तक थी। जबकि सस्ती जेनरिक दवाओं की बिक्री केंद्र पर किए जाने की व्यवस्था है। जिससे ग्रामीण अंचलों के गरीब मरीजों को आसानी से सस्ते रेट पर दवाइयां उपलब्ध हो सके।
यहीं नहीं इस बात की सच्चाई तब उजागर हुई जब बीते 15 जुलाई को दिलीप नाम का एक मरीज दवा लेने केंद्र पर पहुंचा। जन औषधि केंद्र के संचालक द्वारा दिलीप से सरकारी दवा के नाम पर अधिक पैसे वसूले गए।बताया जा रहा है जब दिलीप ने इस पर आपत्ति जताई और सवाल-जवाब किए, तो केंद्र संचालक ने यदि दवा लेना है तो लो अन्यथा आगे बढ़ो कहकर जवाब दे दिया।
कथित झोलाछाप चिकित्सकों की भरमार
एलिया इलाके में कथित झोलाछाप चिकित्सकों की भी भरमार है। कचनार,काजीकमालपुर सहित कई क्षेत्र ऐसे हैं।जहां पर यह कथित झोलाछाप चिकित्सक दुकानों में अपना क्लिनिक संचालित कर रहे हैं। यहीं नहीं गंभीर से गंभीर मरीजों की जान जोखिम में डालकर उनका इलाज कर ठीक कर देने का दावा कर देते हैं।
क्या कहते हैं जिम्मेदार..
जब इस संबंध में सीएचसी अधीक्षक सुधीर पांडे से बात की गई तो उन्होंने बताया परिसर में एक नई बिल्डिंग का निर्माण कार्य चल रहा है।इसीलिए वार्ड के बाहर साफ सफाई कराने में थोड़ी असुविधा हो रही है।वहीं आवारा कुत्तों के बारे बताया परिसर की बाउंड्रीवॉल में गेट नहीं लगा है इसलिए आवारा कुत्ते बार-बार भगाने के बाद भी अंदर आ जाते हैं।जनऔषधि केंद्र के संचालक को हमने चेतावनी दे दी है।अगर जनऔषधि केंद्र पर जेनेरिक एवं निर्धारित दवाओं के अतिरिक्त कोई दवा मिली तो केंद्र संचालक पर कड़ी कार्यवाही करेंगे।
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